एक मुसाफ़िर की कहानी, एक मुसाफ़िर की जुबानी…

यही कुछ कहानी हैं, एक ऐसे मुसाफ़िर कि जिसने जिंदगी और मौत को बड़े करीब से देखा हैं, पर अफसोस ना जिंदगी मिली ना मौत, बस जीने का बहाना मिल गया, ना लोगो का साथ चाहिए था, ना अपनो का हाथ चाहिए था, एक सुकून ही चाहिए था और कमबख्त सुकून का ही ठिकाना मिल गया…और कुछ इस तरीके से ही शुरू हुई, एक मुसाफ़िर की कहानी…राजू

घर से दूर, अपनो से दूर, कुछ ख्वाबो को पूरा करने और कुछ सुकून की तलाश में राजू निकल जाता हैं सफर में…यही सफर शुरू होता हैं 18 फरवरी 2014 को एक ट्रेन के प्लेटफार्म से…

राजू घर से निकल चुका हैं, उसके पाऊँ की छाप निशान छोड़ कर निकलती जा रही हैं, माँ की एक आंख में आंसू हैं, और दूसरी आंख में आशाएं…राजू के पिता नही हैं, जिम्मेदारी का बोझ हैं और अपनी छोटी सी बहन की चिन्ता हैं…एक तरफ राजू को अपने परिवार के साथ रहना हैं, दूसरी तरफ राजू को अपने सपने ओर अपने वचन निभाने हैं जो उसने अपने पिता से किए थे,कि पापा माँ और बहन का हमेशा ख्याल रखूँगा…राजू एक गरीब घर का लड़का हैं, मात्र 500rs. जेब मे लेकर राजू निकल जाता हैं…एक तरफ घरवाले यानी कि जिंदगी हैं उनके साथ रहकर खुश रहे, लेकिन राजू ने मौत ही चुनी हैं, मेरा मौत से मतलब मरना नही हैं…मौत से मतलब ऐसी जिंदगी जो दूसरों के लिए जी जाए, वैसे भी मौत के आगे भी जिंदगी ही हैं…राजू जिंदगी और मौत के खेल में, मुसाफ़िर बन जाता हैं…

अब राजू रेलवे स्टेशन पर आ चुका हैं, चारो ओर लोगो का शौर, ट्रैन में चहल पहल की आवाज, गुब्बारा वालो को शोर, और राजू को इन सब के बीच अपनी दिल की धड़कन सुनाई देती हैं जो उससे बार बार कहती हैं राजू अब कहा चले..!! ऐसे ही राजू बैठा बैठा रह जाता हैं, और रेल चुक्क चुक्क करती चली जाती हैं, शाम हो जाती हैं, राजू अभी भी वही बैठा हैं…दुनिया की हर आवाज उसकी दिल की आवाज के सामने फीकी पड़ जाती हैं…राजू को बहुत चिंता हैं लेकिन राजू को घर वापिस नही जाना, क्योकि साहब राजू गरीब हैं, और ज़िमेदारी हैं बहुत, अपनो की जिम्मेदारी…

रात हो जाती हैं, और राजू को पता लगता हैं कि ट्रेन तो छूट गयी, राजू वही ठंड में बैठा हुआ बिना कुछ खाए, लेटा रहता हैं…तारों को देखता देखता राजू मन ही मन अपनी दिल की आवाज़ सुनता रहता हैं…अचानक से राजू टॉयलेट करने चला जाता है, राजू के मन में एक सवाल आता हैं कि हर मुश्किल मेरे साथ ही क्यों आती हैं, क्या मेरी जिंदगी में सुकून नही, खुशी नही..वो टॉयलट करता हैं अचानक से उसे एक बच्चे के रोने कि आवाज आती हैं, और वो देखता की किस तरीके से एक माँ अपने बच्चे को चुप कराती हैं, फटे कपड़े और बेकार सी हालत में बैठी एक माँ किस तरह अपने बच्चे को ठंड से बचाती हैं…
जब उसको एहसास होता हैं कि जिंदगी में हर किसी को अपनी मुसीबत ही सबसे बड़ी लगतीं हैं…वो जाकर माँ के पास बैठ जाता है…..
अब उसे दिल की आवाज सुनना बन्द हो जाता है…और सिर्फ उस माँ की आवाज सुनाई देती हैं, जो इतनी ठंड में रहकर भी अपने बेटे का ख्याल रखती हैं…

माँ से बात करने के बाद राजू निकल जाता हैं एक नए सफर पर, राजू सच में एक मुसाफ़िर हैं, हाँ राजू आज भी किसी नए सफर पर हैं, चार साल हो गए आजतक राजू घर वापिस नही आया, राजू ने ना दीवाली मनाई ना ईद, राजू आज भी अपनो की खुशी के लिए…एक मुसाफ़िर बना हुआ हैं, हर साल राजू जो कुछ कमाता हैं, वो घर भेज देता हैं, उसकी बहन की भी शादी हो चुकी हैं, माँ अब अकेली रहती हैं, राजू ने सच में अपनी ज़िमेदारी निभाई, राजू ने सच में अपना वचन निभाया, राजू सच में एक मुसाफ़िर हैं क्योंकि राजू के हर एक सफर में वो ऐसे मुसाफ़िर से मिला, जिन्होंने राजू को कुछ न कुछ सिखाया….राजू ने सच में जिंदगी जी हैं, अब हर रात लोगो की मदत करके राजू दो वक्त की रोटी खाकर सुकून से जीता है…राजू ने साबित कर दिया कि उसने जिंदगी और मौत को हराकर जीना सीख लिया हैं…और बस कुछ यही कहानिया बताकर वो निकल जाता हैं मेरे पास से मुझे अलविदा कहकर, वो चन्द घण्टो की मुलाकात में राजू ने मुझे बहन का दर्ज़ा ही नही दिया बल्कि मुझको जिंदगी की एक नई चीज सीखा गया…एक मुसाफ़िर दूसरे मुसाफ़िर को बहुत कुछ सीखा गया…!!

राजू आज भी किसी नए सफर पर होगा, अब ना जिंदगी से डर हैं, ना मौत को हराना हैं, राजू तो एक मुसाफ़िर हैं साहब, उसको कोनसा अमीर बनना हैं, सुकून ही चाहिए वो हर सफर के साथ मिलता हैं, राजू सच में एक मुसाफ़िर हैं साहब…!!

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Would you like to be in a relation with me in the same way???

इरादों का आस्मां और उम्मीदों की ज़मीन है
जो तू है साथ तो ज़िंदगी कितनी हसीं है…….
पता नहीं क्यूं आज आँखों में नमी है
शायद गर तू नहीं तो खुशियों में भी कमी है…..
आज तेरी बहोत याद आई है सनम, यूँ जुदाई का ना ढाओ मुज़पे सितम…

एक ही क़ता बार बार नही करते
दिल दे के पछताये थे अब हम प्यार नही करते
तमाशा बना रखा है उल्फत को लोगो ने
इसलिये मुहब्बत पे हम ऐतबार नही करते
पर कुछ तो हक़िक़त थी मेरी मुहब्बत मे झालीम
इसीलिये तेरे बेवफाई के किस्से सर-ए-बाजार नही करते

लझ्झत-ए-उल्फत है मौक़ुफ़ जुदाई मे
अब आ रहा है यारो हमको मझा तन्हाई मे
(मौक़ुफ़ = hidden)

आशीको को उल्फत अंधेरो से होती है
परवाना शमा को जलकर भी बुझा देता है

तेरे इश्क़ का खुमार ही तो है
गुस्सा ही सही तेरा अंदाज-ए-प्यार ही तो है
दौर-ए-फ़िराक़ से क्या शिकायत करे अश्क
जो मुद्दतो से है हमराह-ए जिन्दगी
वो तेरे लौटने का इंतझार ही तो है…

बैठे है तन्हा किसी कि आस मे
कुछ भी नही यादो के अलावा पास मे
सोचते है क्या हुआ जो कोई नही पास हमारे
नाबिना भी तो जिता है तसव्वुर के सहारे
(नाबिना = blind person)

Do you believe in unseen relationship? How pure or honest do you think it could be? If you can’t meet your partner ever, you don’t know his/her gender age still you’ll carry it?
Relations are not meant for physical togetherness instead it is a bond between the hearts of two people by which they share happiness, sorrows and all other emotions. I feel this is what a relation is.
I really don’t know what this relation is called & even i don’t want to know as well…..
And without knowing who you r? where r you from? what do you do? how do you look? and many more such things I am in a relation with you. And more so ever i don’t want you to answer these questions as well…….
I am already in a relation with you; would you like to be in a relation with me in the same way???????

Communicating for one last time…

I’ve seen people separating who were fond of each other and I’ve seen people talking different things on a face and very different behind your back. Happens to you, me & almost everybody I guess. That doesn’t really make anyone good or bad.

Maybe a lack of communication? A lack of interest in each other any more? What do you think?

I think that problem starts not when you start fighting each other but when you stop expressing yourself. I’ve seen couples who couldn’t leave each other even for a second have turned into someone who doesn’t even want to look at each other now, I’ve seen best of the buddies who always included their friends in their bucket list plans have now turned into arch rivals. I’ve seen people calling their relationships off on stupidest of the things.
Someone broke up because they had ego issues, two friends never talked because one of them thought they have difference of opinions, two online friends stopped talking to each other because they had a disagreement on a certain topic and a child stopped talking to his parents because he thought that his parents are nothing but interference in everything that he does.
What I would always suggest is to give that one last try & have no regrets for tomorrow because many a time when we get old, we regret things that we didn’t do.

Communicating for one last time might just better things you never thought would ever get better. Communicate yourself clearly, Choose the medium of communicating by yourself. There are some people who communicate better in chats & emails, There are other people who communicate themselves better over a voice note or a call and then there are people who communicate without even typing or saying a word but thing that remains important is COMMUNICATE YOURSELF.

The One you used to called ‘My Girl’❤

Hey! How are you? Hope you are doing all fine.
Haha, I know you hate these formalities but still I can’t stop mentioning this like I always used to irritate you in the past with same questions. I know you have this question in your mind that why this girl again texted me after so many shits but I can’t stop missing you, I ain’t able to stop myself from typing messages to you again and again and then backspaced them. I wish we both could sleep early that night when all the things happened. I wish I can bring you back in my life as you were the one that made me realize what true love is and how does it feels like. But all these are mere look like wishes for me that even somewhere I too don’t want it to happen in real. I know you are happy with your new girl and even does loves her more than me. No worries man, I’m not going to come in between. I’m happy to see you like this with her. Hope she never let you miss me as I do always. Hope she loves you more so that you never miss the love that stayed between us those long 5 years. I’m glad you moved on so easily despite knowing that your ex-girl is still waiting for you. Yeah, as you said me to move on I’m also looking for someone that would love me more than you did, whose calling me ‘my girl’ gives me the same butterflies in my tummy as yours did. Well, enjoy with your new love, my dear ex. I won’t say I love you like always because I don’t want you to lose your strength. I still miss you.❤
– The one you used to called ‘My Girl’ ❤

Fall in love with an old soul.

Fall in love with an old soul, the kind of person who thinks and loves deeply and intensely. Fall in love the introspective type whose experiences have weathered their hearts, but left them equipped with the type of knowledge that usually only comes with age. Fall in love with an old
soul.
An old soul will remember the little details about you, about your relationship. They’ll remember
the favorite part of your favorite movie, even if you haven’t watched it together in some time.
Fall in love with the person who will remember your favorite foods and be ready to bring them to you when you’re sick or had a shitty day. Fall in love with the person who knows exactly what it is that will make you laugh, and be the shoulder to cry on when you need to.
See, when you fall in love with an old soul, be prepared for a deep relationship, one that prioritizes passion, compassion and communication. Be ready to share a love with someone so true and raw that you will never be able to compare to any other like it. Know that you will be staying up till 2 AM some nights, sharing your thoughts on the universe and beyond it, conversations that reveal parts of you that you thought you could never share with anyone, but with them they feel safe. With them, these parts of you are welcome and cherished.
Because an old soul realizes that we’ve all been through pain that others will never truly understand. An old soul has enough compassion to know that everyone hurts and has ugliness that they hope no one will ever see, flaws that we like to bury deep so that we keep others around. But after enough times, these parts of us show and when they do, it will make them love you even more.
So when you’re finding someone to spend your little moments with, when you’re looking for a partner who will support you and love you wholeheartedly and cheer you on, who will empathize with you, find an old soul. Not only will you know you are lucky, but they will know just how
lucky they are too.

How difficult it is to move on, to heal.

And I know. I know how difficult it is to move on, to heal. But I promise you — you are going to survive this. You are.
Little by little, a gentle light will begin to replace the darkness. Hope will override some of the shadows. You’ll start to enjoy being with your friends. You might even laugh. You won’t be so afraid of spending time alone, because you won’t be so scared of your own thoughts. You’ll start to trust yourself again, and trust your heart again.
And then you will begin to understand. You’ll playback the memories in your mind, and you’ll actually start to see some of the flaws and glitches, the moments when things were not right. You’ll see the messiness. You’ll begin to understand that the heartbreak was already there, and you’ll understand why their could not have been an alternate ending. Though it hurts, you will begin to realize that this ending had to happen exactly how it did and when it did. This is how it had to be.
You will mourn the loss and the absence of someone you once cared for, and maybe you still care for, but you will finally understand that what happened was meant to happen. And little by little, you will begin to move on. You will know that you deserve more. You will know that if you try to rewind the story, you will only be hurt again, by the same story. You will finally know that something better awaits you.
And you will finally learn that everything you need to be able to heal is already inside of you. The courage, the compassion, the bravery and the strength, are all within you. You will learn that being alone does not mean being lonely.
And once you know this, you will begin to heal.
And then, in time, the color will return to your world, and the sparkle will return to your eyes.
And then, in time, you will heal.

कैसे कह दूँ की माँ बूढ़ी है मेरी..!!

नज़रें कमजोर हो चली
फिर भी मुझसे पहले
सुई में धागा डाल लेती है, कैसे कह दूँ की माँ बूढ़ी है मेरी..!!

बहुत कुछ भूलने लगी है अब। पर मेरे घर आने की तारीख को
रट लेती है, कैसे कह दूँ की माँ बूढ़ी है मेरी..!!

मेरे सोने के बाद सोती है
मेरे जागने से पहले जग जाती है
थके बदन को भी मुस्कान की चादर ओढ़ाती है, कैसे कह दूँ की माँ बूढ़ी है मेरी..!!

पैरों में ताक़त नहीं बाकी
मेरी सलामती के लिये फिर भी
मंदिर की सीढ़ियाँ चढ़ लेती है, कैसे कह दूँ की माँ बूढ़ी है मेरी..!!